Monday, May 29, 2017

लेजर हेयर रिमूवल क्या है ये कैसे कार्य करता है?

क्या आपने बालों को हटाने के ऐसे तरीके के बारे में सुना है जो अवाछिंत बालों को स्थायी रूप से हटा सकता है?

ऐसी तकनीके लेजर व आईपीएल हेयर रीमूवल है।
आज हम जानेगें लेजर हेयर रिमूवल क्या है तथा ये कैसे कार्य करता है?
लेजर का शाब्दिक अर्थ है ”लाईट एम्लीफिकेशन बाई स्टीमूलेटेड इमीशन ओफ रेडीयेशन“ अर्थात लेजर एक उच्च गुणवता वाला प्रकाश है जिसकी तरंगों का प्रयोग जब बाल हटाने के लिये करते हैं तो उसे लेजर हेयर रीमूवल के नाम से जाना जाता है।
लेजर से बाल कैसे हटते हैं?
जब आपकी त्वचा पर लेजर प्रकाश डाला जाता है तो त्वचा में उपस्थित बालों का मैलानिन वर्णक जिनकी वजह से बालों का काला रंग होता है इस प्रकाश को अवशोषित कर लेता है ये बिल्कूल उसी प्रकार है जैसे धुप में आपके  सिर के बालों पर हाथ लगाकर देखेगें तो वो बाकी बालों से ज्यादा गर्म मिलेगें।
काले रंग की प्रकृति होती है कि वो प्रकाश की तरंगों को अवशोषित कर लेता है इसी प्रक्रिया का प्रयोग करके लेजर मशीने बनायी गयी है जब लेजर प्रकाश बालों पर डाला जाता है तो मैलानिन उस लेजर प्रकाश को अवशोषित करके गर्म हो जाता है तथा बाल इस अत्यधिक गर्मी से पिघल जाते हैं तथा बालों की जड़ों में जो मैलानिन बनाने वाले मेलेनोसाईटस होते हैं वो भी गर्म होकर नष्ट हो जाते है तथा बाल की पूरी जड़ को ही नष्ट कर देते हैं इस वजह से वो बाल वापस नहीं उगता।
इसलिये लेजर आधारित हेयर रीमूवल तकनीक को बालों को स्थायी रूप से हटाने के लिये प्रयोग किया जाता है।
यहां ये ध्यान रखिये की यदि आपकी त्वचा का रंग गोरा नहीं हुआ तथा काला हुआ तो त्वचा भी इस लेजर प्रकाश को अवशोषित करके जल सकती है इसलिये लेजर का प्रयोग करके बालों को हटाना भारतीय स्कीन के लिये कम उपयुक्त है क्यों कि भारतीय लोगों की त्वचा उतनी गोरी नहीं होती जितनी लेजर से नुकसान से बचने के लिये आवश्यक है ।
अर्थात लेजर तकनीक का प्रयोग करके बाल हटाना गोरी त्वचा व काले बालों के लिये उपयुक्त रहता है यदि आपकी त्वचा का रंग सांवला है व बालों का रंग भूरा या पुरी तरह काला नहीं है तो लेजर का प्रयोग करने पर आपकी त्वचा जल सकती है।
पहले केवल लेजर डायोड पर आधारित लेजर हेयर रीमूवल मशीने ही आती थी यही कारण है कि भारत में लेजर हेयर रीमूवल उतना लोकप्रिय नहीं हो सका जितना विदेशों में हुआ है।
परन्तु वर्तमान में लेजर के स्थान पर प्रकाश के अन्य स्वरूपों पर जैसे आईपीएल एचपीएल और आरएफ टैक्नोलोजी पर आधारित मशीने भी आने लगी है जो त्वचा के रंग और बालों के रंग में भेद करने में सक्षम होती है इसलिये ऐसी मशीनें भारतीय त्वचा के लिये भी उपयुक्त रहती है।
आईपीएल पर आधारित मशीनों के साईड ईफैक्ट भी लेजर पर आधारित मशीनों की तुलना में कम होते हैं क्यों कि आईपीएल मशीनों में कम फ्रिक्वेन्सी के प्रकाश का प्रयोग किया जाता है।
अगले आलेख में आपको मैं आईपीएल व आर एफ तकनीक से हेयर रीमूवल की जानकारी दुंगा 

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